कैंची नाम क्यों पड़ा?
जिला प्रशासन के अनुसार नाम सड़क के दो तीखे मोड़ों से जुड़ा है; इसका कैंची उपकरण से कोई संबंध नहीं है। यह स्थान नीब करौली महाराज के आश्रम के कारण प्रमुख तीर्थ के रूप में जाना जाता है।
मुख्य प्रवेश मार्ग
रेल यात्री प्रायः काठगोदाम या हल्द्वानी से सड़क मार्ग लेते हैं। पंतनगर निकटतम प्रमुख हवाई अड्डों में है। पर्व और १५ जून के वार्षिक मेले में भीड़ अधिक हो सकती है, इसलिए समय और यातायात की योजना पहले बनाना उपयोगी है।