स्मरण को सेवा में बदलें
नीम करौली बाबा के महासमाधि स्मरण पर हमारा संकल्प है—राम नाम, हनुमान चालीसा, पूजा, प्रसाद, दान और भोजन सेवा। जो स्वयं नहीं पहुँच सकते, वे घर से साधना करें या इच्छा हो तो इस सामूहिक सेवा में सहयोग दें।

११ सितम्बर का स्मरण क्यों?
नीम करौली बाबा आश्रम की प्रकाशित सामग्री ११ सितम्बर १९७३ को महासमाधि तिथि के रूप में स्मरण करती है। वृंदावन आश्रम के इतिहास में लिखा है कि १० सितम्बर की रात उन्होंने शरीर छोड़ा और ११ सितम्बर, अनन्त चतुर्दशी को आश्रम परिसर में अंतिम संस्कार हुआ। इसीलिए ११ सितम्बर भक्त-परंपरा में स्मरण का प्रमुख दिन है।
महासमाधि शब्द आध्यात्मिक परंपरा का शब्द है। संकल्प भक्ति इसे श्रद्धा और इतिहास के संदर्भ में रखता है; किसी चिकित्सकीय या अलौकिक दावे के रूप में नहीं।
भोजन सेवा को अभियान का केंद्र क्यों बनाया?
भक्ति का सबसे मानवीय रूप तब दिखता है जब किसी को सम्मान से भोजन मिले। इसलिए हमारा उद्देश्य केवल पूजा-सामग्री जुटाना नहीं है; उपलब्धता और परिस्थिति के अनुसार प्रसाद, दान और भोजन सेवा को भी साथ रखना है।
पूजा · प्रसाद · दान · भोजन सेवा
प्राप्त शुद्ध सहयोग सामूहिक सेवा निधि की तरह उपयोग किया जाएगा। इसमें पूजा और आवश्यक सामग्री, प्रसाद/भोग, दान, श्रद्धालुओं या जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन, यात्रा से जुड़े आवश्यक खर्च और सेवा के बाद उपलब्ध प्रमाण/विवरण संकलित करने जैसी जरूरतें शामिल हो सकती हैं।
किसी निश्चित राशि को किसी एक निश्चित पूजा, वस्तु या चमत्कारी फल से नहीं जोड़ा जाता। वास्तविक उपयोग स्थानीय नियम, उपलब्धता, आवश्यकता और प्राप्त कुल सहयोग पर निर्भर करेगा।

सहयोग के बिना भी आप सहभागी हैं
धन देना ही सेवा का एकमात्र रूप नहीं है। घर से भी यह छोटा अभ्यास किया जा सकता है।
एक दीप
शांत स्थान पर दीप जलाकर कुछ क्षण प्रार्थना करें।
हनुमान चालीसा
एक बार पूर्ण और ध्यानपूर्वक पाठ करें।
१०८ राम नाम
अपनी परिचित राम-नाम परंपरा के अनुसार स्मरण करें।
एक अच्छा काम
किसी व्यक्ति, परिवार या जीव के लिए भोजन अथवा उपयोगी सहायता करें।
अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सहभागी बनें
₹१०१ हो, ₹५,१०० हो, ₹२१,००० हो या केवल आपकी प्रार्थना—किसी राशि से श्रद्धा नहीं मापी जाती। जिनकी क्षमता अधिक है, उनका बड़ा सहयोग सामूहिक लक्ष्य को तेज़ी से आगे बढ़ा सकता है।
ऊपर की राशियाँ केवल सुझाव हैं। किसी राशि से निश्चित व्यक्तिगत पूजा, विशेष फल या सेवा-अधिकार की गारंटी नहीं बनती।
आज ही अपना सेवा-संकल्प दर्ज करें
भुगतान के समय “संकल्प हेतु नाम” वाले स्थान में उस व्यक्ति या परिवार का नाम लिख सकते हैं जिसके नाम से पूजा/दान का भाव रखना चाहते हैं। कार्ड या यूपीआई की गोपनीय जानकारी संकल्प भक्ति के पास संग्रहीत नहीं होती।
चित्र, वीडियो या सेवा-विवरण चाहिए?
जहाँ मंदिर नियम, उपलब्धता और लोगों की गरिमा अनुमति देंगे, वहाँ उपलब्ध चित्र, वीडियो या सामूहिक सेवा-विवरण साझा करने का प्रयास किया जाएगा।
विश्वास भुगतान पर समाप्त नहीं होना चाहिए
अभियान के बाद हमारा उद्देश्य कुल मिलान की गई राशि, प्रमुख सेवा गतिविधियों और शेष राशि के संबंधित उपयोग का सामूहिक विवरण देना है। निजी संकल्प-नाम और व्यक्तिगत भुगतान जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
स्रोत
यह संकल्प भक्ति की स्वतंत्र सेवा पहल है; इसे किसी आश्रम या मंदिर का आधिकारिक धन-संग्रह अभियान न माना जाए।