आगामी तिथियाँ
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यह व्रत या पर्व क्या है?
स्कंद षष्ठी विशेषकर तमिल और दक्षिण भारतीय परंपराओं में भगवान मुरुगन/कार्तिकेय की उपासना से जुड़ी है।
शुरुआत और परंपरा
स्कंद/मुरुगन की देवसेना, ज्ञान और असुर-विजय की कथाएँ दक्षिण भारतीय भक्ति-साहित्य और मंदिर परंपरा में महत्वपूर्ण हैं।
कथा
सूरपद्म पर विजय का प्रसंग विशेष रूप से स्कंद षष्ठी उत्सव से जुड़ा है।
भाव और महत्व
साहस, अनुशासन और अहंकार पर विजय का भाव।
घर में सरल विधि
व्रत, भोजन और पारण
क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार उपवास।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
ॐ सरवणभवाय नमः।
क्षेत्रीय अंतर
तमिलनाडु और दक्षिण भारत में इसकी विस्तृत मंदिर-विधियाँ हैं।