आगामी तिथियाँ
समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।
यह व्रत या पर्व क्या है?
देवी उपासना के नौ दिन, भारत भर में विविध रूप।
शुरुआत और परंपरा
देवी-माहात्म्य, रामलीला, गरबा, दुर्गा पूजा और गोलू जैसी परंपराएँ इसे बहु-क्षेत्रीय बनाती हैं।
कथा
महिषासुर-मर्दिनी की कथा शक्ति और धर्म-विजय के प्रतीक रूप में व्यापक है।
भाव और महत्व
साहस, अनुशासन और सामुदायिक उत्सव।
घर में सरल विधि
व्रत, भोजन और पारण
नवरात्रि आहार/उपवास क्षेत्र/परिवार के अनुसार।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे (परंपरा अनुसार)।
क्षेत्रीय अंतर
गुजरात में गरबा, बंगाल में दुर्गा पूजा, दक्षिण में गोलू, उत्तर में रामलीला।