यह व्रत या पर्व क्या है?
श्रावण के सोमवार शिव-भक्ति के लिए विशेष माने जाते हैं। दिल्ली/North Indian पूर्णिमान्त परंपरा में 2026 के चार मुख्य सोमवार अगस्त में पड़ते हैं।
शुरुआत और परंपरा
वर्षा ऋतु, श्रावण मास और शिव-उपासना का संबंध लोक और मंदिर परंपराओं में बहुत पुराना है।
कथा
शिव-पार्वती की भक्ति, जलाभिषेक और मनोकामना-व्रत की कथाएँ लोकप्रिय हैं।
भाव और महत्व
नियमितता, संयम और शिव-स्मरण।
घर में सरल विधि
व्रत, भोजन और पारण
कई लोग फलाहार करते हैं; कांवड़/जलाभिषेक अलग परंपरा है।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
ॐ नमः शिवाय।
क्षेत्रीय अंतर
उत्तर भारत और महाराष्ट्र/दक्षिण की श्रावण मास-गणना अलग हो सकती है, इसलिए सोमवार की सूची बदल सकती है।