आगामी तिथियाँ
समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।
यह व्रत या पर्व क्या है?
संकष्टी चतुर्थी मासिक गणेश व्रत है। कई परिवार चंद्र-दर्शन के बाद व्रत खोलते हैं, इसलिए चंद्रोदय का समय स्थान-विशिष्ट होता है।
शुरुआत और परंपरा
गणेश को विघ्नहर्ता मानने की व्यापक परंपरा से यह व्रत जुड़ा है। प्रत्येक मास की संकष्टी का गणेश-रूप/नाम अलग हो सकता है।
कथा
संकष्टी की लोकप्रिय कथाओं में कठिनाई के समय धैर्य, गणेश-स्मरण और व्रत-नियम के माध्यम से मन को स्थिर करने का भाव मिलता है। माघ की संकष्टी को उत्तर भारत में सकट चौथ भी कहा जाता है।
भाव और महत्व
विघ्नों के सामने धैर्य, परिवार की मंगल-कामना और अनुशासन।
घर में सरल विधि
व्रत, भोजन और पारण
परंपरा में सूर्योदय से चंद्र-दर्शन तक उपवास प्रचलित है। स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार/सामान्य भोजन चुनें।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
ॐ गं गणपतये नमः।
क्षेत्रीय अंतर
चंद्रोदय समय शहर के अनुसार बदलता है; दिल्ली timings नीचे दिए हैं।