आगामी तिथियाँ
समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।
यह व्रत या पर्व क्या है?
पूर्णिमा चंद्र मास का पूर्ण चंद्र दिवस है। स्नान, दान, सत्यनारायण कथा, गुरु-स्मरण या क्षेत्रीय देवी/देवता पूजा की परंपराएँ मिलती हैं।
शुरुआत और परंपरा
पूर्णिमा भारतीय धार्मिक कैलेंडर में अनेक पर्वों का आधार है, जैसे गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा।
कथा
कथा और विधि मास के अनुसार बदलती है। सत्यनारायण कथा कई परिवारों में पूर्णिमा पर पढ़ी जाती है, पर यह सभी परंपराओं की अनिवार्य विधि नहीं है।
भाव और महत्व
कृतज्ञता, दान, परिवार/समुदाय के साथ पूजा और चंद्र-मास की पूर्णता का भाव।
घर में सरल विधि
व्रत, भोजन और पारण
उपवास या सात्त्विक आहार व्यक्तिगत/पारिवारिक परंपरा पर निर्भर।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
ॐ नमो नारायणाय अथवा अपने इष्ट का मंत्र।
क्षेत्रीय अंतर
पूर्णिमा के नाम और पर्व क्षेत्र/मास के अनुसार बदलते हैं।