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व्रत · सम्पूर्ण भारत

पूर्णिमा व्रत

पूर्णिमा चंद्र मास का पूर्ण चंद्र दिवस है। स्नान, दान, सत्यनारायण कथा, गुरु-स्मरण या क्षेत्रीय देवी/देवता पूजा की परंपराएँ मिलती हैं।

आगामी तिथियाँ

शनिवार · 26 सितंबर 2026पूर्णिमा
रविवार · 25 अक्टूबर 2026पूर्णिमा
मंगलवार · 24 नवंबर 2026पूर्णिमा
बुधवार · 23 दिसंबर 2026पूर्णिमा
शुक्रवार · 22 जनवरी 2027पूर्णिमा
शनिवार · 20 फरवरी 2027पूर्णिमा
सोमवार · 22 मार्च 2027पूर्णिमा
मंगलवार · 20 अप्रैल 2027पूर्णिमा
गुरुवार · 20 मई 2027पूर्णिमा
शुक्रवार · 18 जून 2027पूर्णिमा
रविवार · 18 जुलाई 2027पूर्णिमा
सोमवार · 16 अगस्त 2027पूर्णिमा

समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।

यह व्रत या पर्व क्या है?

पूर्णिमा चंद्र मास का पूर्ण चंद्र दिवस है। स्नान, दान, सत्यनारायण कथा, गुरु-स्मरण या क्षेत्रीय देवी/देवता पूजा की परंपराएँ मिलती हैं।

शुरुआत और परंपरा

पूर्णिमा भारतीय धार्मिक कैलेंडर में अनेक पर्वों का आधार है, जैसे गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा।

कथा

कथा और विधि मास के अनुसार बदलती है। सत्यनारायण कथा कई परिवारों में पूर्णिमा पर पढ़ी जाती है, पर यह सभी परंपराओं की अनिवार्य विधि नहीं है।

भाव और महत्व

कृतज्ञता, दान, परिवार/समुदाय के साथ पूजा और चंद्र-मास की पूर्णता का भाव।

घर में सरल विधि

सुबह स्नान और स्वच्छता के बाद शांत मन से संकल्प लें। पूजा-स्थान को सरल रखें और इष्टदेव का स्मरण करें। दीप, जल और उपलब्ध पुष्प/फल अर्पित किए जा सकते हैं। दिनभर व्रत अपनी स्वास्थ्य-स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें। संध्या में कथा या संबंधित स्तोत्र पढ़ें, आरती/प्रार्थना करें और अंत में परिवार तथा सबके मंगल की कामना करें। किसी विशेष सामग्री को अनिवार्य मानने की आवश्यकता नहीं; श्रद्धा, संयम और स्वच्छ आचरण मुख्य हैं।

व्रत, भोजन और पारण

उपवास या सात्त्विक आहार व्यक्तिगत/पारिवारिक परंपरा पर निर्भर।

स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।

मंत्र / पाठ

ॐ नमो नारायणाय अथवा अपने इष्ट का मंत्र।

क्षेत्रीय अंतर

पूर्णिमा के नाम और पर्व क्षेत्र/मास के अनुसार बदलते हैं।

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