११ सितम्बरनीम करौली बाबा महासमाधि सेवा संकल्प2 दिन शेष · आज ही सेवा-संकल्प लें🙏 सेवा में सहयोग
अनुष्ठान · सम्पूर्ण भारत

पितृ पक्ष

पितरों के स्मरण, श्राद्ध और दान का पक्ष।

आगामी तिथियाँ

रविवार · 27 सितंबर 2026कृष्ण पक्ष आरंभ
शनिवार · 10 अक्टूबर 2026अमावस्या

समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।

यह व्रत या पर्व क्या है?

पितरों के स्मरण, श्राद्ध और दान का पक्ष।

शुरुआत और परंपरा

भारतीय गृहस्थ परंपराओं में पूर्वज-स्मरण और पारिवारिक वंश-ऋण की अवधारणा से जुड़ा है।

कथा

कर्ण की लोकप्रिय कथा अक्सर पितृ पक्ष से जोड़ी जाती है, जिसमें दान और पूर्वजों के प्रति कर्तव्य का भाव आता है।

भाव और महत्व

कृतज्ञता, परिवार की स्मृति और दान।

घर में सरल विधि

परिवार की परंपरा के अनुसार तर्पण/श्राद्ध; विधि जटिल हो तो पारिवारिक पुरोहित/ज्ञाता से मार्गदर्शन लें।

व्रत, भोजन और पारण

उपवास सार्वभौमिक नहीं।

स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।

मंत्र / पाठ

ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः।

क्षेत्रीय अंतर

श्राद्ध की तिथि मृत्यु-तिथि और परिवार की परंपरा पर निर्भर करती है।

तिथि-स्रोत देखें →