११ सितम्बरनीम करौली बाबा महासमाधि सेवा संकल्प2 दिन शेष · आज ही सेवा-संकल्प लें🙏 सेवा में सहयोग
व्रत · सम्पूर्ण भारत

मासिक दुर्गाष्टमी

शुक्ल अष्टमी पर देवी दुर्गा की मासिक उपासना कई परंपराओं में की जाती है। आश्विन शुक्ल अष्टमी महाअष्टमी के रूप में विशेष है।

आगामी तिथियाँ

शनिवार · 19 सितंबर 2026शुक्ल अष्टमी
सोमवार · 19 अक्टूबर 2026शुक्ल अष्टमी
मंगलवार · 17 नवंबर 2026शुक्ल अष्टमी
गुरुवार · 17 दिसंबर 2026शुक्ल अष्टमी

समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।

यह व्रत या पर्व क्या है?

शुक्ल अष्टमी पर देवी दुर्गा की मासिक उपासना कई परंपराओं में की जाती है। आश्विन शुक्ल अष्टमी महाअष्टमी के रूप में विशेष है।

शुरुआत और परंपरा

देवी-माहात्म्य और शक्ति-उपासना की व्यापक परंपरा से अष्टमी पूजा जुड़ती है।

कथा

देवी के असुर-विजय प्रसंग शक्ति, साहस और धर्म-रक्षा के प्रतीक रूप में पढ़े जाते हैं।

भाव और महत्व

आंतरिक शक्ति, साहस और करुणा को साथ लेकर चलने का स्मरण।

घर में सरल विधि

सुबह स्नान और स्वच्छता के बाद शांत मन से संकल्प लें। पूजा-स्थान को सरल रखें और देवी का स्मरण करें। दीप, जल और उपलब्ध पुष्प/फल अर्पित किए जा सकते हैं। दिनभर व्रत अपनी स्वास्थ्य-स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें। संध्या में कथा या संबंधित स्तोत्र पढ़ें, आरती/प्रार्थना करें और अंत में परिवार तथा सबके मंगल की कामना करें। किसी विशेष सामग्री को अनिवार्य मानने की आवश्यकता नहीं; श्रद्धा, संयम और स्वच्छ आचरण मुख्य हैं।

व्रत, भोजन और पारण

फलाहार/उपवास परंपरा-आधारित।

स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।

मंत्र / पाठ

ॐ दुं दुर्गायै नमः।

क्षेत्रीय अंतर

बंगाल, उत्तर भारत, गुजरात और दक्षिण भारत में देवी पूजा के रूप अलग हैं।

तिथि-स्रोत देखें →