आगामी तिथियाँ
समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।
यह व्रत या पर्व क्या है?
शुक्ल अष्टमी पर देवी दुर्गा की मासिक उपासना कई परंपराओं में की जाती है। आश्विन शुक्ल अष्टमी महाअष्टमी के रूप में विशेष है।
शुरुआत और परंपरा
देवी-माहात्म्य और शक्ति-उपासना की व्यापक परंपरा से अष्टमी पूजा जुड़ती है।
कथा
देवी के असुर-विजय प्रसंग शक्ति, साहस और धर्म-रक्षा के प्रतीक रूप में पढ़े जाते हैं।
भाव और महत्व
आंतरिक शक्ति, साहस और करुणा को साथ लेकर चलने का स्मरण।
घर में सरल विधि
व्रत, भोजन और पारण
फलाहार/उपवास परंपरा-आधारित।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
ॐ दुं दुर्गायै नमः।
क्षेत्रीय अंतर
बंगाल, उत्तर भारत, गुजरात और दक्षिण भारत में देवी पूजा के रूप अलग हैं।