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पर्व · सम्पूर्ण भारत

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, निशीथ पूजा और भक्ति का प्रमुख पर्व।

आगामी तिथियाँ

बुधवार · 25 अगस्त 2027भाद्रपद कृष्ण अष्टमी

समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।

यह व्रत या पर्व क्या है?

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, निशीथ पूजा और भक्ति का प्रमुख पर्व।

शुरुआत और परंपरा

भागवत और कृष्ण-भक्ति परंपरा में मथुरा जन्म, वसुदेव-देवकी और गोकुल के प्रसंग केंद्र में हैं।

कथा

कंस के कारागार में कृष्ण-जन्म, यमुना पार गोकुल पहुँचाने और नंद-यशोदा के घर पालन की कथा व्यापक है।

भाव और महत्व

आशा, धर्म के पक्ष में साहस और प्रेम-भक्ति।

घर में सरल विधि

सुबह स्नान और स्वच्छता के बाद शांत मन से संकल्प लें। पूजा-स्थान को सरल रखें और श्रीकृष्ण का स्मरण करें। दीप, जल और उपलब्ध पुष्प/फल अर्पित किए जा सकते हैं। दिनभर व्रत अपनी स्वास्थ्य-स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें। संध्या में कथा या संबंधित स्तोत्र पढ़ें, आरती/प्रार्थना करें और अंत में परिवार तथा सबके मंगल की कामना करें। किसी विशेष सामग्री को अनिवार्य मानने की आवश्यकता नहीं; श्रद्धा, संयम और स्वच्छ आचरण मुख्य हैं।

व्रत, भोजन और पारण

कई साधक मध्यरात्रि जन्म तक व्रत रखते हैं।

स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।

मंत्र / पाठ

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

क्षेत्रीय अंतर

स्मार्त और वैष्णव/ISKCON तिथि कभी अलग पड़ सकती है।

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