आगामी तिथियाँ
गुरुवार · 10 सितंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 17 सितंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 24 सितंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 1 अक्टूबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 8 अक्टूबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 15 अक्टूबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 22 अक्टूबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 29 अक्टूबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 5 नवंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 12 नवंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 19 नवंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 26 नवंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 3 दिसंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 10 दिसंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 17 दिसंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 24 दिसंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 31 दिसंबर 2026साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 7 जनवरी 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 14 जनवरी 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 21 जनवरी 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 28 जनवरी 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 4 फरवरी 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 11 फरवरी 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 18 फरवरी 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 25 फरवरी 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 4 मार्च 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 11 मार्च 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 18 मार्च 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 25 मार्च 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 1 अप्रैल 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 8 अप्रैल 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 15 अप्रैल 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 22 अप्रैल 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 29 अप्रैल 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 6 मई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 13 मई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 20 मई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 27 मई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 3 जून 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 10 जून 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 17 जून 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 24 जून 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 1 जुलाई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 8 जुलाई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 15 जुलाई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 22 जुलाई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 29 जुलाई 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 5 अगस्त 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 12 अगस्त 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 19 अगस्त 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 26 अगस्त 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 2 सितंबर 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
गुरुवार · 9 सितंबर 2027साप्ताहिक व्रत · दिनभर/परिवार की परंपरा अनुसार
समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।
यह व्रत या पर्व क्या है?
गुरुवार को विष्णु, बृहस्पति या परिवार की गुरु-परंपरा के अनुसार व्रत रखा जाता है।
शुरुआत और परंपरा
साप्ताहिक गृहस्थ व्रत परंपरा।
कथा
बृहस्पति देव/विष्णु से जुड़ी कई लोककथाएँ प्रचलित हैं।
भाव और महत्व
ज्ञान, धैर्य और कृतज्ञता।
घर में सरल विधि
सुबह स्नान और स्वच्छता के बाद शांत मन से संकल्प लें। पूजा-स्थान को सरल रखें और श्रीविष्णु/नारायण का स्मरण करें। दीप, जल और उपलब्ध पुष्प/फल अर्पित किए जा सकते हैं। दिनभर व्रत अपनी स्वास्थ्य-स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें। संध्या में कथा या संबंधित स्तोत्र पढ़ें, आरती/प्रार्थना करें और अंत में परिवार तथा सबके मंगल की कामना करें। किसी विशेष सामग्री को अनिवार्य मानने की आवश्यकता नहीं; श्रद्धा, संयम और स्वच्छ आचरण मुख्य हैं।
व्रत, भोजन और पारण
परंपरा अनुसार पीला/सात्त्विक भोजन; कोई एक नियम सार्वभौमिक नहीं।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
ॐ बृं बृहस्पतये नमः / ॐ नमो नारायणाय।
क्षेत्रीय अंतर
क्षेत्र और परिवार अनुसार केंद्र बदलता है।