११ सितम्बरनीम करौली बाबा महासमाधि सेवा संकल्प2 दिन शेष · आज ही सेवा-संकल्प लें🙏 सेवा में सहयोग
पर्व · उत्तर भारत / Global

गीता जयंती

भगवद्गीता के उपदेश की स्मृति, मोक्षदा एकादशी के साथ।

आगामी तिथियाँ

रविवार · 20 दिसंबर 2026मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी

समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।

यह व्रत या पर्व क्या है?

भगवद्गीता के उपदेश की स्मृति, मोक्षदा एकादशी के साथ।

शुरुआत और परंपरा

महाभारत के भीष्मपर्व में कुरुक्षेत्र के युद्ध-पूर्व अर्जुन और कृष्ण संवाद के रूप में गीता आती है।

कथा

अर्जुन की दुविधा और कृष्ण के कर्म, ज्ञान, भक्ति और योग के उपदेश का स्मरण।

भाव और महत्व

कर्तव्य पर स्पष्टता, परिणाम-आसक्ति कम करना और आत्मचिंतन।

घर में सरल विधि

गीता के एक अध्याय या कुछ श्लोक अर्थ सहित पढ़ें; जल्दबाजी से पूरा पाठ आवश्यक नहीं।

व्रत, भोजन और पारण

मोक्षदा एकादशी का व्रत अलग नियमों के साथ रखा जा सकता है।

स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।

मंत्र / पाठ

कर्मण्येवाधिकारस्ते... (गीता 2.47) को अर्थ सहित पढ़ें।

क्षेत्रीय अंतर

कुरुक्षेत्र में विशेष आयोजन होते हैं।

तिथि-स्रोत देखें →