आगामी तिथियाँ
सोमवार · 14 सितंबर 2026भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
शनिवार · 4 सितंबर 2027भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।
यह व्रत या पर्व क्या है?
गणेश जन्मोत्सव और कई दिनों तक चलने वाला उत्सव।
शुरुआत और परंपरा
महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव ने आधुनिक सामाजिक रूप भी लिया, जबकि घरेलू पूजा अधिक पुरानी है।
कथा
पार्वती द्वारा गणेश की रचना और शिव द्वारा उन्हें गणपति रूप देने की लोकप्रिय कथा व्यापक है।
भाव और महत्व
बुद्धि, आरंभ, समुदाय और जिम्मेदारी।
घर में सरल विधि
सुबह स्नान और स्वच्छता के बाद शांत मन से संकल्प लें। पूजा-स्थान को सरल रखें और श्रीगणेश का स्मरण करें। दीप, जल और उपलब्ध पुष्प/फल अर्पित किए जा सकते हैं। दिनभर व्रत अपनी स्वास्थ्य-स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें। संध्या में कथा या संबंधित स्तोत्र पढ़ें, आरती/प्रार्थना करें और अंत में परिवार तथा सबके मंगल की कामना करें। किसी विशेष सामग्री को अनिवार्य मानने की आवश्यकता नहीं; श्रद्धा, संयम और स्वच्छ आचरण मुख्य हैं।
व्रत, भोजन और पारण
उपवास वैकल्पिक।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
ॐ गं गणपतये नमः।
क्षेत्रीय अंतर
मूर्ति-स्थापना/विसर्जन में पर्यावरण-अनुकूल सामग्री चुनें।