आगामी तिथियाँ
समय मुख्यतः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संदर्भ पर आधारित है। अपने नगर के स्थानीय पंचांग से अंतिम समय जाँचें।
यह व्रत या पर्व क्या है?
विजय, धर्म और नए आरंभ का पर्व।
शुरुआत और परंपरा
राम की रावण पर विजय और देवी की महिषासुर पर विजय, दोनों सांस्कृतिक स्मृतियाँ विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र हैं।
कथा
रामलीला का समापन, रावण-दहन, आयुध-पूजा और विद्यारंभ अलग-अलग क्षेत्रीय रूप हैं।
भाव और महत्व
अहंकार पर विवेक और अन्याय पर धर्म की जीत का स्मरण।
घर में सरल विधि
व्रत, भोजन और पारण
उपवास आवश्यक नहीं।
स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, गर्भावस्था, आयु, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता में कठोर उपवास न करें। भक्ति को शरीर को नुकसान पहुँचाने की परीक्षा न बनाएं।
मंत्र / पाठ
श्री राम जय राम जय जय राम।
क्षेत्रीय अंतर
मैसूर दशहरा, कुल्लू दशहरा, बंगाल विसर्जन और उत्तर भारत रामलीला अलग रूप हैं।